उठना हैं हमे

कैसे कोई आवाज उठाये, सब गिरे हुवे नीचे, कोई बढ़े तोह, दूसरा खींचे पीछे । उम्मीद नहीं आँखों में, हिम्मत कहाँ से आए, उम्मीद आँखों में आए तोह, नज़र चली जाए । करना क्या हाथो से, किसमत पे छोड़े, ऐसे ही जिंदिगी गुज़ार के, यह दुनिया छोड़े । किशिको अगर Read more…